संसद का शीतकालीन सत्र

संसद का शीतकतलीन सत्र कल से शुरू होगा | महीने भर चलनेवाले इस सत्र में बीस बैठकें होंगी | इस सत्र के दौरान, राज्य सभा में आठ महत्वपूर्ण विधेयक तथा लोक सभा में 15 विधेयक पेश किए जाएंगे | अगले लोक सभा चुनावों के पहले, संसद का यह अंतिम पूर्णकालिक सत्र होगा |

कल से शुरू होनेवाले शीतकालीन सत्र से पहले, सरकार ने कल नई दिल्ली में सभी पार्टियों की एक बैठक बुलाई थी | इस बैठक के दौरान, कथित सत्र में सरकार ने दोनों सदनों के सुचारु कार्यान्वयन के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों से सहयोग करने का आग्रह किया | राज्य सभा के अध्यक्ष श्री एम॰ वेंकैया नायडू ने भी राज्य सभा के सुचारु कार्यान्वयन के लिए सहमति बनाने के प्रति सभी पार्टियों की एक बैठक बुलाई | सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए विपक्षी पार्टियां भी एक बैठक करेंगी | लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन लोक सभा की कार्यवाहियों के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक करेंगी |

महीने भर चलनेवाला यह शीतकालीन सत्र अगले महीने की आठ तारीख़ को सम्पन्न होगा |

प्रश्नकाल से शुरू होकर, संबंधित मंत्रियों द्वारा किए गए प्रश्नों के उत्तर सदन में दिये जाएंगे | शून्य काल के बाद आम हितों से संबंधित मुद्दे सदस्य उठाएंगे | प्रत्येक दिन अलग-अलग तरह के प्रश्न होंगे | इनमें गृह, रक्षा, वित्त, वाह्य मामलों, वाणिज्य, रेलवे, नागर विमानन, विधि तथा न्याय, विज्ञान तथा तकनीक, आणविक ऊर्जा, अन्तरिक्ष, बिजली, पर्यावरण, जंगल तथा जलवायु परिवर्तन और मानव संसाधन विकास आदि से संबंधित प्रश्न होंगे | सदन की अधिकतर कार्यवाहियों का संचालन अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन करेंगी | सदन का प्रतिनिधित्व करनेवाली विभिन्न पार्टियों के सदस्यों में से चयनित संचालन अधिकारियों का एक पैनेल तथा उपाध्यक्ष भी वहाँ उपस्थित रहेंगे |

दोपहर बाद सदन विधायी मामलों को उठाएगा | विधेयकों के पारित होने के पहले विस्तार से चर्चायें होंगी | संबंधित मंत्री इन चर्चाओं का उत्तर देंगे | आमतौर पर लोक सभा की कार्यवाही शाम 6.00 बजे तक चलती है | लेकिन कुछ विशेष अवसरों पर, दिन का कार्य पूरा होने तक इसके समय का विस्तार भी किया जाता है | इस शीतकालीन सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों के उठने की संभावना है, जिसमें हाल ही में सम्पन्न पाँच राज्यों में हुए चुनावों तथा क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण आदि शामिल है | इस सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों की कार्यवाहियों में अन्य मुद्दों में अगस्ता वेस्टलैंड तथा राफ़ेल की ख़रीदारी और दशकों पुराने रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों की प्रबलता से उठने की संभावना है |

देश की शीर्ष जांच एजेंसी, केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अंदरूनी कलह का मुद्दा भी संसद के दोनों सदनों में चर्चा के लिए उठाए जाने की प्रबल संभावना है | सार्क बैठक में पाक अधिकारियों द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर के मंत्री को बोलने की अनुमति देने के बाद इस्लामाबाद में सार्क चार्टर बैठक से वॉकआउट करनेवाले भारतीय राजनयिक से संबंधित मुद्दा भी सदस्य उठा सकते हैं |  करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के संबंध में पंजाब काँग्रेस के मंत्री, नवजोत सिंह सिद्धू की कथित टिप्पणी का मुद्दा भी संसद के सत्र की कार्यवाहियों में उठ सकता है | ग़ौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र आठ जनवरी 2019 को सम्पन्न होगा |

आलेख – वी॰ मोहन राव, पत्रकार

अनुवादक – मनोज कुमार चौधरी