मालदीव के राष्ट्रपति की भारत यात्रा से पारंपरिक दोस्ती में आएगी नई ऊर्जा

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद इब्राहीम सोलीह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर अपनी पहली राजकीय यात्रा पर भारत आए। उनका यह दौरा राष्ट्रपति पद संभालने के महज़ एक महीने के भीतर हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे दोनों देशों के पारस्परिक रिश्तों में एक नए युग का सूत्रपात हो रहा है। हालांकि इससे पहले मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के शासन में ‘भारत प्रथम’ यानि इंडिया फ़र्स्ट पॉलिसी के बावजूद भारत और मालदीव के रिश्ते बेहद खराब स्तर पर पहुँच गए थे। राष्ट्रपति इब्राहीम के साथ उनकी पत्नी फ़ज़ाना और विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद, वित्तमंत्री इब्राहीम अमीर, योजना एवं विनिर्माण मंत्री मोहम्मद असलम, परिवहन मंत्री आइशथ नहुला, आर्थिक मंत्री फय्याज़ इस्माइल और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों का एक शिष्टमंडल तथा व्यवसायियों का एक दल भी भारत आया है।

राष्ट्रपति मोहम्मद इब्राहिम सोलीह ने भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। भारत के साथ मालदीव के रिश्तों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अपने तीन दिवसीय दौरे में राष्ट्रपति सोलीह ने उच्च स्तरीय गणमान्य व्यक्तियों और भारतीय सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दिए गए भोज के अवसर पर श्री सोलीह ने भारत के साथ मालदीव के मित्रतापूर्ण पुराने संबंधों को फिर से पुनर्जीवित करने के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक माह पूर्व मालदीव यात्रा को याद किया जिसमें विशिष्ट अतिथि के तौर पर श्री मोदी मालदीव के राष्ट्रपति सोलीह के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित थे। उन्होंने फिर से इस बात का ज़िक्र किया कि भारत के मालदीव के साथ गहरे संबंध हैं और यह हमारे लिए उच्च प्राथमिकता के दायरे में आते हैं।

राष्ट्रपति सोलीह और भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद भारत सरकार और मालदीव गणराज्य के बीच 4 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिसमें वीजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने का समझौता, सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, कृषि व्यापार के लिए इकोसिस्टम को बेहतर करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग स्थापित करने पर समझौता और सूचना एवं संचार तकनीकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति शामिल है।

दोनों देश स्वास्थ्य, पारस्परिक कानूनी सहायता और आपराधिक मामलों, निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन विकसित करने और पर्यटन के क्षेत्र में संस्थागत संपर्क स्थापित करने के लिए एक खाका तैयार करने पर भी सहमत हुए हैं। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी ने क्षमता निर्माण के लिए 1000 मालदीवी छात्रों को भारत में प्रशिक्षित करने के लिए छात्रवृत्ति का लाभ देने का प्रस्ताव किया।

राष्ट्रपति सोलीह और प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर क्षेत्र में विशेषकर सामुद्रिक सुरक्षा के क्षेत्र में हवाई सर्वेक्षण, सूचनाओं के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के जरिए एक दूसरे के हितों की रक्षा करने की इच्छा जताई। प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में या क्षेत्र के बाहर आतंकवाद के किसी भी रूप का मुकाबला करने के लिए सहयोग और सहायता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। राष्ट्रपति सोलीह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई और 2020-21 के लिए गैर स्थाई सीट के लिए भी भारत की उम्मीदवारी को समर्थन देने की बात कही।

सोलीह प्रशासन के भारत प्रथम नीति के बदले और प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लिए मालदीव के सम्बन्धों को महत्वपूर्ण बताया और साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई। इस क्रम में श्री मोदी ने मालदीव को 1.4 बिलियन अमरीकी डॉलर की आर्थिक सहायता की घोषणा की। जिसे बजटीय मदद, मुद्रा के विनिमय और मालदीव के सामाजिक आर्थिक विकास कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए रियायती क्रेडिट लाइन उपलब्ध करने के रूप में दिया जाएगा। खबरों के मुताबिक, लाइन ऑफ क्रेडिट के अंतर्गत ब्याज़ दर 1.5 फीसदी होगी।

भारत-मालदीव बिजनेस फोरम में भारतीय व्यापार जगत के लोगों से मालदीव के राष्ट्रपति श्री सोलीह की मुलाकात भी उनकी भारत यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। बातचीत के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि विदेशी निवेशकों को मालदीव में व्यापार स्थापित करने के लिए जिस प्रकार की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की आवश्यकता होगी उसे उपलब्ध कराएंगे। यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के शासनकाल में मालदीव में भारतीय निवेश काफी कम था। इस संदर्भ में राष्ट्रपति सोलीह की भारतीय व्यापार जगत के साथ बैठक से भारतीय व्यापार समुदाय में फिर से आशा और रुचि पैदा हुई है। अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति सोलीह ने भारत में रह रहे मालदीव के नागरिकों से भी मुलाकात की और उनके समक्ष पेश आ रही मुश्किलों के बारे में बातचीत की।

आलेख – गुलबिन सुल्ताना, शोध विश्लेषक, आईडीएसए

अनुवाद – देवेन्द्र त्रिपाठी