अचानक हमला-पुलवामा का समुचित जवाब

26 फ़रवरी को सुबह-सुबह भारतीय वायुसेना ने बालाकोट, चकोटी और मुज़फ़्फ़राबाद में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एकदम सटीक कार्रवाई की। भारत के विदेश सचिव वी के गोखले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हमले की जानकारी देते हुए बताया कि फिदायीन हमलों की तैयारी में लगे जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमाण्डरों और जिहादियों को बड़ी संख्या में मार गिराया गया है। उन्होंने आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इसके लिए हर तरह के उपाय किए जाएंगे और जैश ए मोहम्मद पर इस विशेष कार्रवाई को असैनिक हमले की संज्ञा दी। वायुसेना के 12 मिराज2000 युद्धक विमानों द्वारा तीन लक्ष्यों को निशाना बनाते हुए लगभग 300 आतंकवादियों को मार दिया गया। इस सटीक कार्रवाई को 14 फ़रवरी के दिन पुलवामा में हुए आतंकी हमले का जवाब बताया जा रहा है जिसमें 40 से भी अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली थी जिसके बाद पूरे भारत में पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंक फ़ैलाने की नीति के विरुद्ध आक्रोश उत्पन्न हो गया था। जबकि पूरा भारत शोक में डूबा था तब भी पाकिस्तान की ओर से ग़ैरज़िम्मेदार बयान दिए गए और हमले में पाकिस्तान का हाथ होने को  बेशर्मी से नकार दिया गया। जैश द्वारा खुलेआम ज़िम्मेदारी लेने के बावजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा जैश पर कार्रवाई करने के लिए ठोस सबूत मांगे गए। पुलवामा हमले का कड़ा उत्तर देने के लिए पूरा भारत एकमत था। इस घटना के बाद सभी राजनीतिक दल इस बात पर एकजुट हुए की जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा लगातार आतंकवाद को प्रायोजित कर दहशत फैलाने की कोशिशों का  भारत सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई के रूप में उत्तर दिया जाए।

एक ओर जहाँ भारत में इस कार्रवाई को सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 के नाम से प्रशंसा की जा रही है वहीं पाकिस्तान इस कार्रवाई पर अचंभित और नकारने वाली प्रतिक्रिया दे रहा है जैसा कि उसने उड़ी के कायरतापूर्ण हमले के बाद कि गई कार्रवाई के समय किया था। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन(आईएसपीआर) के महानिदेशक ने अपने ट्वीट सन्देश द्वारा यह कहकर अपनी बहादुरी दिखाने की भरपूर कोशिश की कि पाकिस्तान की वायुसेना द्वारा हमले को विफल कर दिया गया। हालांकि पाकिस्तान में कार्यरत विदेशी मीडिया संगठनों ने बालाकोट, चिकोटी तथा मुज़फ़्फ़राबाद में भारत की वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई को स्वीकार किया है। बीबीसी उर्दू समाचार ने सबसे पहले बालाकोट के निकट कुछ स्थानीय निवासियों से बातचीत की जिन्होंने हमलों की बात स्वीकार की।

पाकिस्तान के आईएसपीआर महानिदेशक ने अपने संवाददाता सम्मेलन में हालांकि इस बात को स्वीकार किया है कि भारत की ओर से तीन दिशाओं में कार्रवाई की गई है पहली बहावलपुर की ओर, दूसरी सियालकोट की ओर एवं तीसरी तथा सबसे बड़ी मुज़फ़्फ़राबाद की तरफ हुई है। उनके बयान के अनुसार तीसरे हमले का पाकिस्तान की वायुसेना द्वारा विरोध किया गया और भारत के हवाई जहाज जिसमें चार बम थे, खदेड़ दिया गया फलस्वरूप ये बम ख़्यबर्पख्तूनखा प्रांत के बालाकोट में गिराए गए।

अपनी जनता के अनुरूप पाकिस्तान की सेना द्वारा कहानी गढ़ना स्वाभाविक है, मगर उड़ी हमले के बाद हुई स्ट्राइक के विपरीत इस बार उसे इस कार्रवाई को स्वीकार करना पड़ा। इस कार्रवाई से भारतीय सुरक्षा बलों की अचानक असैन्य कार्रवाई करने की क्षमता प्रदर्शित होती है जिससे पाक अधिकृत क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के समीप भारत के जम्मू कश्मीर राज्य में पाकिस्तान की ओर से आतंक फैलाने वाले आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की जा सकती है।  इस कार्रवाई से एक ओर जहां पाकिस्तान की सैन्य तैयारी की पोल खोल दी है तो दूसरी ओर उसके द्वारा परमाणु हमले की धमकी को भी धता बता दिया गया है। 

पुलवामा के बाद पाकिस्तानी धरती पर चल रहे आतंकी गुटों के खिलाफ भारत की आत्मरक्षा के अधिकार को बल मिला और पाकिस्तान द्वारा चलाये जा रहे छद्म युद्ध का समुचित जवाब देने के लिए भारत को नैतिक समर्थन भी प्राप्त हुआ।

देखना यह है कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान युद्ध की धमकी देकर संकट को और अधिक गम्भीर बनाता है अथवा नहीं। भारत की इस त्वरित कार्रवाई से दुनिया में पाकिस्तान की छवि बहुत अधिक बिगड़ेगी।

आलेख- डॉ अशोक बेहुरिया

अनुवादक – हर्ष वर्धन