February 2019 – Page 2 – ऑल इंडिया रेडियो

अंतरराष्ट्रीय सहयोग द्वारा आतंकवाद का सामना


पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल के काफ़िले पर किए गए भयानक आतंकी हमले में चालीस पुलिसकर्मी मारे गए और कई घायल हो गए l पाकिस्तान आधारित आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद या जैश ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है l इस घटना ने आतंकरोध के…

भारत और मालदीव सहयोग बढ़ाने के लिए वीज़ा प्रक्रिया सरलीकरण समझौता


मालदीव के राष्ट्रपति श्री इब्राहिम मोहम्मद सोलिद की दिसम्बर, 2018  में भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित वीज़ा सरलीकरण समझौते को लगू करने का फैसला किया गया। इस फैसले से भारत और मालदीव के आपसी संबंधों को सकारात्मक गति मिली है। मालदीव के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान भारत ने मालदीव…

पैट्रोटैक 2019: भारत का सुधरता ऊर्जा परिदृश्य।


हाल ही में सम्पन्न पैट्रोटैक 2019 में वेनेजुएला ने भारत को अपना तेल निर्यात दोगुना करने की पेशकश की। समारोह में शिरकत करते हुए वेनेजुएला के तेलमन्त्री मैनुएल क्वीवेडो ने ये घोषणा की। हालांकि, उनकी भारतयात्रा पहले से तय नहीं थी, लेकिन वेनेजुएला के इस सामयिक फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है। ईरान से तेल आयात के खिलाफ अमरीकी प्रतिबन्धों के दौर में वेनेजुएला का यह फैसला तारीफ के काबिल है। अमरीका और ज़्यादातर पश्चिमी मुल्कों की पाबंदियों के चलते वेनेजुएला फिलहाल संकट के दौर से गुज़र रहा है। इसलिए उसके नज़रिए से भी भारत के साथ व्यापार बढ़ाना फायदे का सौदा है। दक्षिण अमरीकी देश वेनेजुएला पर प्रतिबन्धों के बाद से आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। इसलिए वह भारत जैसे नकद भुगतान करने वाले मुल्कों को तरज़ीह देने लगा है। ज्ञातव्य है कि भारत अमरीका के बाद वेनेजुएला का सबसे बड़ा तेल आयातक है। पिछले 25 सालों के दौरान पैट्रोटेक सम्मेलनों का आयोजन ऊर्जा के मामले में भारत की चुनौतियों के समाधान में बड़ी भूमिका निभाता रहा है। इसके सत्रों में ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य, वैश्विक बदलाव, लेनदेन, नीतियों, नई तकनीकों, बाज़ार स्थिरता और भावी निवेश परिदृश्य जैसे मुद्दों पर विचार होता रहा है।     पैट्रोटेक 2019 के दौरान कर्नाटक के पेडूर में 2.5 मिलियन टन के भूमिगत कूटनीतिक तेल भण्डार के रखरखाव के लिए भारत की सरकारी कम्पनी और आबूधाबी राष्ट्रीय तेल कम्पनी के बीच करार पर दस्तखत हुए। यह समझौता भारत और संयुक्त अरब अमीरात में तेल भण्डारण का दूसरा अहम करार है। भारत ने कर्नाटक के मैगलोर तथा पेडूर और आन्ध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में 5.33 मिलियन टन के आपातकालीन तेल भण्डार स्थापित किए हैं। समझौते के तहत विदेशी कम्पनियाँ भारतीय भण्डारों में तेल सुरक्षित रख सकती हैं। इसके पीछे शर्त यह है कि ज़रूरत पड़ने पर भारत इस तेल का इस्तेमाल कर सकता है। हर दो साल के अन्तराल पर होने वाले पैट्रोटेक के हालिया सम्मेलन में 90 से ज़्यादा मुल्कों ने भाग लिया। इस साल यह सम्मेलन ऐसे मौके पर आयोजित हुआ है जबकि भारत ईरान से तेल आयात के लिए अमरीकी प्रतिबन्धों में रियायत बढ़ने की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल ऐसी छूट भारत सहित आठ मुल्कों को उपलब्ध है; जिनमें चीन, इटली, ग्रीस, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और तुर्की शामिल हैं। इस रियायत की मियाद मार्च 2019 में समाप्त हो रही है। पैट्रोटेक 2019 के दौरान एशिया के तेल उपभोक्ताओं ने विवादास्पद ‘एशियन प्रीमियम’ मुद्दे पर तेल उत्पादक देशों के समूह ‘ओपेक’ का ध्यान आकर्षित किया। सम्मेलन में इस बात को प्रमुखता से रखा गया कि भारत जैसे मुल्कों की आर्थिक स्थिरता पर तेल के बदलते दामों का विपरीत असर होता है। इस मौके पर भारत ने अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के विविधीकरण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि बढ़ती आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एकाधिक उपायों का इस्तेमाल किया जा सके। सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सामाजिक-आर्थिक ज़रूरतों के लिए तेल की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक बढ़ोतरी के लिए तेल की स्थिर कीमतों, निरन्तर आपूर्ति और संधारणीय उपयोग नीति की घोषणा की। उनके मुताबिक देश की आर्थिक मज़बूती का लाभ कमज़ोर तबकों तक पहुँचाने में तेल आपूर्ति की खास भूमिका है। उन्होंने कहा कि पिछले सालों के दौरान पश्चिम और पूर्व के मुल्कों में तेल की खपत के मामले में अनेक बदलाव हुए हैं। भारत अपनी कुल ज़रूरत का 80 फीसदी तेल आयात करता है, इसलिए तेल- कीमतों में उतार-चढ़ाव का उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी असर होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत तेल-आयात स्रोतों के विविधीकरण से कीमतों में बदलाव के असर को कम कर सकता है। हालांकि इस तरह के उपायों के साथ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं; जैसा कि फिलहाल ईरान के साथ हो रहा है। इस मामले में भारत के लिए अन्तर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेन्सी यानि आई.ई.ए. की मार्फत एक राहत भरी खबर है। एजेन्सी के मुताबिक इस साल तेल उत्पादक देशों यानि ओपेक से बाहर भी बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति उपलब्ध होगी। इससे ईरान और वेनेजुएला पर अमरीकी प्रतिबन्धों के असर को कमतर करने में मदद मिलेगी। आलेख - सुनील घटाडे, राजनीतिक टिप्पणीकार। अनुवाद और वाचन - डॉ. श्रुतिकान्त पाण्डेय [audioplayer file="http://airworldservice.org/hindi-commentary/Hindi--Sam-Varta-16-Feb-19.mp3"]  

पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ


पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद द्वारा जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर किए गए आतंकी हमले में चालीस से भी अधिक जवान शहीद हो गए। सितंबर 2016 उड़ी में बीएसएफ कैम्प पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना पर यह सबसे भयानक फिदायीन अर्थात आत्मघाती हमला है। इस…

संसद में इस सप्ताह


संसद के निचले सदन, 16वीं लोक सभा का अंतिम सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। बुधवार को संसद के दोनों सदन, लोक सभा और राज्य सभा देश में होने वाले 2019 के आम चुनावों से कुछ महीने पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए।     दो सप्ताह लंबे चले सत्र के…

चीन को किए गए भारतीय कृषि निर्यात में वृद्धि हुई


वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीने मे चीन को किए गए भारत के कृषि निर्यात में लगभग 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है । अमरीका के साथ लगातार बढ़ रहे व्यापार के समय में चीन ने भारतीय कृषि  उत्पादों के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं। चीन ने कृषि आधारित उत्पादों…

पाकिस्तान ने छेड़ा बेबुनियाद राग


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर इस बात पर टिप्पणी की है कि भारत में अल्पसंख्यक किस तरह रह रहे हैं। ये बेबुनियाद आरोप सभी भारतीयों का घोर अपमान है और अपनी धार्मिक भावनाओं की परवाह किए बिना सद्भाव से साथ रहने वाले भारतीयों की भावना के…

चीन का बेतुका विरोध


चीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पूर्वोत्तरी राज्य, अरूणाचल प्रदेश की यात्रा का विरोध किया है। पहले से ही इसका अंदाज़ा था। श्री मोदी तवांग को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली सुरंग निर्माण सा ला परियोजना का उद्घाटन करने के लिए वहाँ गए थे। चीन की ये प्रतिक्रिया…

पाकिस्तान पर संवाद का दायित्व


पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध एक बार फिर से अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी हैं | ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेता, मिरवाइज़ उमर फ़ारुक़ के साथ पाकिस्तानी विदेश मंत्री, शाह मेहमूद क़ुरैशी की टेलिफ़ोन पर हुई बातचीत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त, सोहेल मेहमूद…

भारत मोनाको सम्बन्ध उत्कर्ष की ओर 


मोनाको के राज्य प्रमुख प्रिंस अल्बर्ट द्वितीय भारत की पहली यात्रा पर सोमवार को नई दिल्ली पहुँचे। हालांकि भारत और मोनाको के संबंध काफी पुराने हैं, लेकिन दोनों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की स्थापना 2007 में हुई। मोनाको राजशाही व्यवस्था वाला एक छोटा देश है, जो पश्चिमी यूरोप के फ्रेंच…