लोक सभा चुनावों के पहले चरण के मतदान के लिए भारत तैयार

विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र 11 अप्रैल से होने वाले चुनावो के लिए तैयार है | अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलने वाली इस प्रक्रिया में भारत के 900 मिलियन से अधिक मतदाता दो सप्ताह से कम समय में सात चरणों में होने वाले चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे | पहले चरण में, 20 राज्यों तथा संघ शासित प्रदेशों के 91 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव होंगे | भारत के निर्वाचन आयोग ने इन चुनावों को करवाने के लिए विस्तृत व्यवस्था की है |

भारत की जनता 17 वीं  लोक सभा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेगी | इस व्यवस्थित लोकतांत्रिक राज्य-शासन-विधि का उत्सव मनाने के लिए, भारत के लोग अपने उम्मीदवारों को इस आशा से मत देंगे कि वे उनकी आकांक्षाएं पूरी करेंगे | पहले चरण के चुनाव में, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, असम, जम्मू तथा कश्मीर और अन्य राज्यों में लोक सभा की कुछ सीटों के लिए मतदान होंगे |

श्रीनगर, नागपुर, ग़ाज़ियाबाद तथा मथुरा जैसे कुछ संसदीय क्षेत्रों में लोक सभा के लिए पहले चरण के चुनाव में मतदान होंगे | पहले चरण का चुनाव अभियान 9 अप्रैल को संपन्न होगा | उत्तर प्रदेश के आठ क्षेत्रों में पहले चरण में चुनाव होंगे | महाराष्ट्र के सात संसदीय क्षेत्र, उत्तराखंड तथा असम के पांच-पांच संसदीय क्षेत्र, बिहार तथा ओडिशा के चार-चार संसदीय क्षेत्र, जम्मू तथा कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय तथा पश्चिम बंगाल के दो-दो संसदीय क्षेत्र, छत्तीसगढ़, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम,अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप के एक-एक संसदीय क्षेत्रों में पहले चरण के चुनाव में मत डाले जायेंगे |

निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के चुनावी ख़र्चों पर पैनी नज़र रखने की समुचित व्यवस्था की है | विज्ञापनों तथा सोशल मीडिया पर होने वाले उम्मीदवारों के ख़र्चों पर नज़र रखी जा रही है | इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान ग़लत सूचनाओं को रोकने के लिए क़दम उठाये हैं | सोशल मीडिया के मंचों के माध्यम से नक़ली ख़बरें फैलती हैं, जो सामाजिक मतभेदों का कारण बनती हैं, आजकल ऐसी ख़बरें तीव्र गति से फैल रहीं हैं |  ऐसी विषाक्त सामग्री इन मंचों से समाज में न फैले इसके लिए निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया के मंचों को जवाबदेह बनाया है | यह मतदाताओं के लिए मददगार होगा |

मतदान केंद्रों पर मतदान की परिशुद्धता के लिए मतदाताओं को आश्वस्त किया गया है | निर्वाचन आयोग वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की सीमा का विस्तार करेगा | अपनी पसंद की पार्टी के चिन्ह पर मतदाता ने वास्तव में मतदान किया या नहीं, इसकी जांच वे कर सकेंगे | इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ने चुनावों के संचालन को आसान तो बनाया ही है, साथ ही  इसमें तीव्रता भी आयी है |  वीवीपैट का प्रयोग चुनावों के कुशल तथा पारदर्शी संचालन में एक अन्य उपलब्धि की तरह है | वीवीपैट के प्रयोग को लेकर मतदाताओं को सुग्राही बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने उचित ही एक अभियान चलाया है | ऐसा पहली बार होगा जब डाले गए मत का एक कागज़ी प्रमाण होगा | मशीन की यह विशेषता अनावश्यक विवादों को टालने में मददगार होगी |  विवाद होने की स्थिति में मतों की गिनती लम्बी चल सकती है, लेकिन इससे पारदर्शिता ही बढ़ेगी |

भारत की बदलती जनसांख्यिकी ने चुनावों में मतदाताओं की भारी भागीदारी देर से देखी है | इस सहस्त्राब्दि के मतदाताओं को अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए यह पहला अवसर होगा | यह 2019 के लोक सभा के चुनावों की एक मुख्य विशेषता होगी |   सहस्त्राब्दि के 15 मिलियन मतदाता या तो 2000 में जन्मे हैं या फिर इसके बाद | ये सभी मतदाता 21 वीं सदी के सपनों का भारत बनाने के प्रति नेताओं का चयन करने के लिए अपने मत देंगे  |

जनसांख्यिकीय अंश इस देश के लिए  एक संपत्ति की तरह है | 30 आयु वर्ग से नीचे के भारतीयों की आबादी सचमुच में एक विशाल जनसांख्यिकीय अंश है | यह चुनावों में भी सुस्पष्ट रहा है | मतदान में युवा मतदाताओं की एक बड़ी संख्या होती है | बड़ी संख्या में मतदाताओं की उपस्थिति भारतीय चुनावों की एक प्रवृत्ति है |

मतदाताओं की ये संख्या देश में लोकतंत्र के जश्न में अत्यधिक जीवंत भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभा सकती है |अगर मतदाताओं को चुनाव में प्रतिस्पर्धा करने वाले उम्मीदवारों में से कोई भी पसंद नहीं आता हो, तो निर्वाचन आयोग ने उनके लिए नोटा अर्थात इनमें से कोई नहीं का प्रावधान भी किया है |

आलेख – मनीष आनंद, वरिष्ठ विशेष संवाददाता

अनुवाद/स्वर – मनोज कुमार चौधरी