दूसरी मोदी सरकार का शपथग्रहण समारोह

प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के उपरांत श्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई को लगातार दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के 58 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी और इसके सहयोगी दलों के योग्य नेताओं के साथ-साथ पूर्व राजनयिक सुब्रमण्यम जयशंकर को भी जगह मिली है। 

मंत्रिपरिषद में सबसे अधिक चौकाने वाला नाम एस जयशंकर का ही है, जो भारत के विदेश मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और चीन के मामले में उनकी विशेषज्ञता निश्चित रूप से सरकार के लिए मददगार होगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी मंत्रिपरिषद में स्थान मिला है और उम्मीद है कि अमित शाह को सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। 

श्री मोदी ने इस जनादेश को भारत के सभी भागों के लोगों की महत्वाकांक्षा और लोगों की जीत बताया है। इसी को ध्यान में रखते हुए कल यानी 30 मई को शपथ लेने वाले मंत्री परिषद के सदस्यों में देश के सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया गया। युवाओं को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। श्री मोदी ने पहले भी यह उल्लेख किया है कि उनके दूसरे कार्यकाल में सरकार के काम का आधार होगा एन ए आर ए यानी नेशनल एंबीशन प्लस रीजनल एस्पिरेशंस। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के रोड मैप में समग्र विकास और बेहतर शासन को स्थान मिलेगा। 

नई मंत्री परिषद में कुछ नए चेहरे शामिल हुए हैं, तो कई पुराने और अनुभवी मंत्रियों को फिर से शामिल किया गया है, जिसमें राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी शामिल है। कुछ राज्य मंत्रियों को पिछली सरकार में उनके प्रदर्शन के आधार पर इस बार पदोन्नति कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है जिसमें गजेंद्र सिंह शेखावत, गिरिराज सिंह और महेंद्र नाथ पांडे शामिल हैं।

58 मंत्रियों की मंत्रिपरिषद में 24 कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। साल 2019 के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिला जनादेश देश के लगभग सभी राज्यों के मतदाताओं का समर्थन दिखाता है। यही वजह है कि देश के लगभग सभी राज्यों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है जो समग्र भारत का वास्तविक प्रतिनिधित्व है और सच्चे अर्थों में एक राष्ट्रीय सरकार का ढांचा है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला चेहरा रहे ओड़ीशा के बालासोर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए श्री प्रताप चंद्र सारंगीजो एक झोपड़े में रहते हैं और सादा जीवन उच्च विचार का वास्तविक प्रतीक हैं। यह सर्वविदित है कि महात्मा गांधी इस बात के प्रबल समर्थक थे कि सार्वजनिक जीवन जीने वाले लोगों को सादा जीवन अपनाना चाहिए। श्री सारंगी की सादगी ने प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी को मोहित किया। 

मंत्री परिषद के शपथ ग्रहण के साथ ही सत्रहवीं लोकसभा की चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो गई है। जल्द ही नए मंत्रिमण्डल की पहली बैठक होगी जिसमें संसद के निचले सदन – लोकसभा के लिए चुने गए सदस्यों को शपथ दिलाने हेतु संसद का एक संक्षिप्त सत्र बुलाये जाने पर फैसला होगा।

भारत वास्तव में एक महत्वाकांक्षी लोकतांत्रिक देश है। 900 मिलियन से अधिक मतदाताओं में लगभग 67% लोगों ने श्री मोदी के विकास एजेंडे को अपना समर्थन दिया है। विकास के लिए समर्पित कोई भी सरकार वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहतर मानी जाती है।

मोदी सरकार के कार्यभार संभालने के समय विश्व अर्थव्यवस्था में डावाडोल की स्थिति है, जो नई सरकार के लिए प्रमुख चिंताओं में से एक हो सकता है। अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक टकराव और अमरीका द्वारा ईरान पर फिर से लगाए जा रहे प्रतिबंधों के कारण खाड़ी में पहले से ही संकट बढ़ा है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इसका असर भारत की महंगाई पर भी पड़ सकता है। मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में महंगाई को नियंत्रण में रखने में सफल रही है और माना जा रहा है कि दूसरे कार्यकाल में भी मोदी सरकार महंगाई दर को नियंत्रण में बनाए रखने में सफल हो सकती है। उम्मीद है कि नई सरकार किसानों का जीवन स्तर बेहतर करने के लिए भारत के कृषि क्षेत्र के लिए कुछ नए उपायों की शुरुआत कर सकती है। 

राष्ट्रपति भवन के बाहरी प्रांगण में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने बिम्सटेक देशों के मुखिया भी। इसके अलावा किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और मॉरीशस के प्रधानमंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। यह भारत की पहले पड़ोसी की नीति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। साथ ही इससे स्पष्ट होता है कि भारत क्षेत्र में सबकी संपन्नता चाहता है।

आलेख: मनीष आनंद, विशेष संवाददाता, न्यू इंडियन एक्सप्रेस