प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के विकास का खाका पेश किया

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्ज़ा दिए जाने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को क्यों हटाया गया। इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों ने धारा 370 को ख़त्म किए जाने के प्रस्ताव को बहुमत के साथ पारित कर दिया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को दो संघशासित क्षेत्रों में बाँट दिया गया है। एक जम्मू कश्मीर और दूसरा लद्दाख।

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर क्षेत्र में दशकों से चले आ रहे आतंकवाद, अलगाववाद, राजशाही राजनीति और भ्रष्टाचार के कारण अफरातफरी मची हुई थी। श्री मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 से आज़ादी अब एक वास्तविकता है। उन्होंने कहा कि इस धारा का इस्तेमाल सीमा पार की ताक़तों ने किया और धरती के इस स्वर्ग को नरक बनाने के लिए अपनी भूमिका अदा की। बीते तीन दशकों में लगभग 42 हज़ार भारतीयों की मौत का ज़िम्मेदार पाकिस्तान है। धारा 370 भारत के क़ानूनों को जम्मू कश्मीर में प्रभावी रूप से लागू करने में बाधक थी। उन्होंने कहा कि युवा, महिलाएं और राज्य के कमज़ोर तबकों को इस स्थिति के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। जम्मू कश्मीर के युवा पूर्व राज्य में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने में असफल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धारा 370 हटाने से डॉ भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने जल्द हक़ीक़त में बदलेंगे। अब दोनों संघशासित क्षेत्र भी भारत के अन्य राज्यों और संघशासित क्षेत्रों की तरह ही सभी अधिकारों का लाभ ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में दोनों संघ शासित क्षेत्रों के विकास खाका भी पेश किया। श्री मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को विकसित होने का मौका धारा 370 के कारण ही मिला है। उन्होंने कहा कि धारा 370 के समाप्त होने के बाद दोनों नए संघशासित क्षेत्रों में एक नए युग का सूत्रपात होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छा और पारदर्शी शासन दोनों संघशासित क्षेत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने दोनों संघशासित क्षेत्रों के विकास और प्रगति के लिए नए उपायों की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राज्य की डेढ़ करोड़ की आबादी जल्द ही विकास की रफ़्तार से रूबरू होगी। प्रधानमंत्री ने देश और दोनों संघशासित क्षेत्रों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार सदैव उनके साथ है। श्री मोदी ने कहा कि किसी जमाने में कश्मीर कोए भारत के फिल्म शूटिंग के केंद्र के रूप में जाना जाता था लेकिन दशकों से फिल्म उद्योग प्रकृतिक सौन्दर्य से सजे कश्मीर में फिल्म की शूटिंग नहीं कर सका है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म जगत आगे आए, ताकि कश्मीर की सुंदरता से भारत सहित दुनिया भर में करोड़ों लोग रु-ब-रू हो सकें।

प्रधानमंत्री ने नए संघशासित क्षेत्रों के निर्माण के लिए युवाओं और महिलाओं से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें और विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनें। प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वस्त किया कि कश्मीर में स्थितियाँ जल्द ही सामान्य हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि बदलाव जंतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए जम्मू कश्मीर को एक नई दिशा में ले जाने के लिए लोगों से साथ आने का आह्वान किया।

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख के लोग संघशासित क्षेत्र का दर्ज़ा दिए जाने से खुश हैं। अब यह केंद्रीय सरकार की ज़िम्मेदारी है कि लद्दाख में विकास परियोजनाओं का ध्यान रखे। श्री मोदी ने वादा किया कि दोनों संघशासित क्षेत्रों में जल्द ही सड़क, हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, रेल, अस्पताल, स्कूल आदि बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों में विकास की रफ़्तार देखें। उन्होंने कहा कि पर्यटन सहित बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं के शुरू होने से रोज़गार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि अब वह दिन दूर नहीं जब जम्मू कश्मीर और लद्दाख विकसित संघशासित क्षेत्र होंगे।

अपने 38 मिनट के सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने सिर्फ विकास की बातें कीं और पाकिस्तान की गीदड़भबकियों को कोई तवज्जो नहीं दी। भारत का पश्चिमी पड़ोसी कश्मीर मसले को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनाने के लिए अक्सर गंदी रणनीति अपनाता रहा है। लेकिन विश्व समुदाय पाकिस्तान की ओछी हरकतों से बाज़ आ चुका है और इस बार उससे प्रभावित नहीं होने वाला है।

यह उपयुक्त समय है जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को भारतीय प्रधानमंत्री से विकास के एजेंडे को सीखने की ज़रूरत जिससे पाकिस्तान के लोग निश्चित तौर पर लाभान्वित होंगे।

आलेख- पदम सिंह, एआईआर, समाचार विश्लेषक