मुख्य समाचार (16.09.2020)

1. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा को सूचित किया कि चीन की सेना ने हिंसक रुख अपनाते हुए सभी मानदण्डों का उल्लघंन किया। उन्होंने कहा कि भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन सभी तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार है।

2. लोकसभा ने अनिवार्य वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 पारित कर दिया है। इस संशोधन का लक्ष्य है कृषि क्षेत्र में बदलाव और किसानों की आय में वृद्धि। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रावसाहब दानवे पाटिल ने ये जानकारी दी।

3. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दरभंगा में एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को मंजूरी दी है। ये वहां दूसरा एम्स होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हरियाणा में एक परिक्रमा पथ रेल सेवा को भी मंजूरी दी है।

4. केंद्र सरकार ने निर्माण श्रमिकों की मदद के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मनरेगा के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन बढ़ी हुई राशि 202 रुपये प्रति श्रमिक मिलेगी। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने ये सूचना दी।

5. अमरीका के अफगान मामलों के विशेष प्रतिनिधि जालमे खलीलजाद नई दिल्ली आए। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से चर्चा की। दोनों पक्षों ने दोहा में जारी अफगान शांति वार्ता तथा भविष्य के कदमों पर चर्चा की। श्री खलीलजाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव हर्ष वर्द्धन श्रृंगला से भी बात की।

6. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राज्यसभा को बताया है कि कोविड—19 वैक्सीन के प्रथम चरण के परीक्षण का दो लोगों पर बहुत अच्छा असर दिखा। भारत के औषधि महानियंत्रक ने भारत में आस्ट्रा जेनेका के परीक्षण बहाल करने की भी मंजूरी दी है। पिछले हफ्ते ब्रिटेन में ये परीक्षण रोका गया था।

7. 39 लाख 42 हजार 360 लोग भारत में कोविड-19 से उबर चुके हैं। भारत में संक्रमण मुक्तिदर की दर सर्वाधिक 78.53 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में 82,961 लोग ठीक हो चुके हैं।

8. पिछले 24 घंटे में 11,16 हजार 842 लोगों पर कोविड-19 का परीक्षण किया गया।

9. वॉशिगंटन डीसी में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की उपस्थिति में इजराइल ने यूएई और बहरीन के साथ राजनयिक समझौते किए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ये समझौते पश्चिम एशिया में नया सवेरा लेकर आएंगे।

10. अकाल से जुझ रहे यमन की हालत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने खाड़ी देशों से कहा है कि वो उसकी आर्थिक मदद करें। सऊदी अरब, यूएई और कुवैत को दुनिया के इस सबसे गरीब देश को 3.9 अरब डॉलर देने थे जो उन्होंने अब तक नहीं दिए।