प्रौद्योगिकी से संचालित भविष्य पर प्रधानमंत्री का ज़ोर

बंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन भाषण सभी को बेहतर सेवाएं देने के लिए शासन से प्रौद्योगिकी को जोड़ने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के ही बल पर हमारी योजनाएं फाइलों से निकलकर बड़े पैमाने पर तेज़ी से भारतवासियों के जीवन को छू सकी हैं। सरकार ने प्रौद्योगिकी को सभी योजनाओं से प्रमुखता से जोड़ा है और शासन के मॉडल में टेक्नोलॉजी को प्रधानता दी है।

श्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ माह में जिस तेज़ी से प्रौद्योगिकी को अपनाया गया है, वैसा तो एक दशक भर में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज हम सूचना प्रौद्योगिकी युग में हैं, जहाँ बदलाव अवश्यम्भावी है। उन्होंने कहा टेक्नोलॉजी के बल पर ही हमारा ये विश्वास मज़बूत हुआ है कि हम कुछ ही समय में एक बड़ी आबादी को कोविड-19 प्रतिरोधी टीका लगा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान कि साइबर हमलों की रोकथाम का असरदार वैक्सीन यानी सुरक्षा चक्र तैयार करने के लिए वो आगे आएं।

कोविड-19 महामारी के दौर में ये मह्त्वपूर्ण शिखर बैठक टेक्नोलॉजी के ही बल पर ऑनलाइन आयोजित हो रही है। पांच साल पहले शुरू हुआ डिजिटल इंडिया अभियान अब कोई सरकारी पहल भर नहीं है, बल्कि जीवन शैली का हिस्सा बन चुका है। इससे देश को विकास के प्रति एक अधिक मानव केंद्रित सोच को अनुभव करने का मौका मिल गया है।

बंगलूरू प्रौद्योगिकी शिखर बैठक भारत में हर साल होने वाला एक प्रमुख आयोजन है। इसे कर्नाटक सरकार, कर्नाटक नवोन्मेष एवं प्रौद्योगिकी संस्थान और भारत के बायोटेक्नोलॉजी तथा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क नवउद्मियों के साथ मिलकर आयोजित करती है। आज अपने 23वें साल में ये आयोजन प्रमुख संकर-क्षेत्र टैंक कंपनियों, स्टार्टअप्स, युवा नवउद्मियों, टेक्नोक्रेट्स, नीति निर्माताओं, निवेशकों और अनुसंस्थान तथा अध्ययन जगत के बीच संवाद और गठबंधन को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख मंच बन गया है।

इस साल शिखर बैठक की थीम है ‘Next is Now’ और चर्चा कोविड के बाद की दुनिया की चुनौतियों और उनके समाधान पर रहेगी, जो सूचना प्रोद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवाचार और विकास पर निर्भर है। 3 दिन के इस आयोजन में 4 प्रमुख थीम रखे गए हैं। इस शिखर बैठक में एयरोस्पेस, रक्षा प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य की देखभाल, काम-काज के भविष्य और जन कल्याण के लिए स्टार्टअप की भूमिका पर भी बल दिया जायेगा।

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमी कंडक्टर्स, डिजिटल मज़बूती और कोविड-19 से निपटने की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। कर्नाटक सरकार की साझेदारी वाली इस पहल में 15 देश भाग ले रहे हैं। यानि भारत के साथ कनाडा, फ़िनलैंड, फ्रांस इजराइल, नीदरलैंड्स, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्वीडन, ताइवान, स्विट्ज़रलैंड, डेनमार्क, बहरीन जापान और लिथुआनिया।

उद्घाटन सत्र में भाग ले रहे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि जून में हस्ताक्षरित भारत ऑस्ट्रेलिया समझौते के तहत, दोनों देश साइबर और उससे जुड़े क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिले। दोनों देश इस क्षेत्र में साझेदार भी होने जा रहे हैं।

बंगलूरू में नीदरलैंड्स के कौंसलर जनरल गर्ट हेजकूप ने कहा कि ये मंच दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई ऊचांइयों पर ले जाएगा। इस शिखर बैठक में भारतीय स्टार्टअप्स के लिए हेग व्यापारिक संस्थान एक सरल शर्तों वाला ऋण कार्यक्रम भी शुरू करेगा। अगले कुछ दिनों में इस आयोजन में दुनिया के बेहतरीन मस्तिष्क विचार-विमर्श करेंगे, भविष्य की टेक्नोलॉजी पर अनुमान प्रस्तुत करेंगे, नए उत्पादन प्रस्तुत करेंगे और टेक्नोलॉजी पर आधारित दुनिया के लिए स्टार्टअप्स भविष्योन्मुखी विचार रखेंगे।

 

आलेख: बिमान बसु

अनुवाद: मुनीश शर्मा