शून्य से शिखर तक

जाति व्यवस्था में बटे हुए भारतीय समाज में दलित वर्ग को आशा की किरण दिखाने वाले युवा वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष और आधिक संघर्ष, त्याग और अधिक त्याग का संदेश देने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन और संघर्ष पर आधारित रुपक उनके बचपन, युवावस्था, शिक्षा, राजनैतिक उथल-पुथल, विचारधारा से संबंधित ज्यादातर पहलुओं पर रोशनी डालता है।

समाज के प्रबुध्द वर्ग और शिक्षाविदों के स्वर और विचारों के साथ, हर पहलु को स्थापित करने का प्रयास किया गया है।

 

शोध एवं आलेख: श्री एस.कृष्णा

संयोजक:  श्री शिवनंदन लाल,

श्री प्रमोद कुमार और

मोहन सिंह मीणा

प्रस्तुतकर्ता: डॉ. आर.एस. यादव