गणतंत्र दिवस

संविधान के रचयिता और उसको मूर्त रूप देने वाले बाबा साहिब डा0 भीमराव अम्बेडकर ने एक बार अपने सम्बोधन में कहा था कि 26 जनवरी 1950 को देश सही अर्थो में आज़ाद हो जायेगा । भारत एक लोकतांत्रिक देश घोषित किया गया । उन्होंने कहा था यहाॅं जनता की सरकार होगी, जनता द्वारा सरकार होगी और जनता के लिए होगी ।

हमारे देश के कर्णधारों ने स्थाई प्रजातंत्र के लिए , संवैधानिक तरीको का इस्तेमाल कर सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों तक पहुंचाने का नया रास्ता स्थापित किया । हमने राजनैतिक और सामाजिक लोकतंत्र में सामजस्य स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाए ।

देश भर में आज 67 वां गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया । हर वर्ष की भाॅंति, इस बार भी मुख्य समारोह देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित किया गया । प्रस्तुत है गणतंत्र दिवस पर आयोजित इस समारोह पर रेडियो रिपोर्ट

समारोह के शुरूआत में इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर देश के शहीदो को प्रधानमंत्री द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये ।

मुख्य सलामी मंच पर देश के राष्ट्र्पति और तीनो सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर श्री प्रणव मुखर्जी ने तिरंगा फहराया और उन्हें 21 तोपो की सलामी दी गई ।

हम अपनी इस रिपोर्ट को देश का संविधान लिखने वाले नेताओ के उन विचारो से विराम देना चाहेंगे, जिन्होने कहा था ‘‘आज़ादी निश्चित तौर पर खुशी का कारण होती है, लेकिन हमें यह भूलना नहीं चाहिए कि इसने हमे बड़ी जिम्मेदारियाॅं भी सौंपी है । अगर हम अपने रास्ते से भटकते है और संविधान का पालन नहीं कर पाते है तो उसके लिए कोई और नहीं, हम सभी भारतवासी जिम्मेदार है ।

26 जनवरी का दिन, हमें अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है । वो जिम्मेदारी है देश की एकता, अखंडता और आज़ादी को बनाए रखना ।

इसी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह पर आयोजित ये रेडियो रिपोर्ट सम्पन्न होती है ।

वाचन स्वर: मुनीश शर्मा

संयोजक: प्रमोद कुमार और शिव नंदन लाल
प्रस्तुति सहायक – रोहित प्रसाद
प्रस्तुतकर्ता – डा0 आर. एस. यादव