फ़िल्म निर्माता/निर्देशक – राज खोसला

 

आलेख/प्रस्तुति – रीमा यादव

 

 

31 मई 1925 को पंजाब के लुधियाना शहर में जन्मे राज खोसला यूँ तो गायक बनने के लिए मुंबई शहर आए थे लेकिन कला को लेकर उनकी अद्भुत समझ को  अभिनेता देवानंद ने पहचाना और उन्हें निर्देशन में जाने की सलाह दी। देवानंद की सलाह मानते हुए श्री खोसला ने गुरु दत्त के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम करते हुए निर्देशन के गुर सीखे । 1954 में देवानंद और गीता बाली के साथ राज खोसला अपनी पहली फिल्म ‘मिलाप’ लेकर आए जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई। कहा जाता है कि देवानंद राज खोसला को लगातार फिल्म-निर्देशन के लिए प्रोत्साहित करते रहते थे। देवानंद के प्रोत्साहन और राज खोसला की मेहनत आखिरकार रंग लाई और 1956 मे आई उनकी फिल्म ‘सीआईडी’ ने धमाल मचा दिया। 50 से 80 के दशक तक फिल्म जगत में बतौर निर्देशक राज करने वाले राज खोसला, फिल्में बनाते हुए स्टाइल का बहुत ध्यान रखते थे। फिल्म इंडस्ट्री में राज खोसला ने स्टाइलिश शॉट्स और कहानी का ट्रेंड शुरु किया। राज, क्लासिकल सिंगिंग में निपुण थे, इसीलिए अपनी फिल्मों में संगीत पर पूरा ध्यान देते थे। श्री खोसला की फिल्मों में संगीत बहुत महत्वपूर्ण होता था। गाने के बोल, धुन और पिक्चराइज़ेशन पर खोसला जी की विशेष मेहनत होती थी जो परदे पर बख़ूबी नज़र आती थी। राज खोसला की पहली पत्नी से उनकी चार बेटियां हैं और दूसरी पत्नी से एक बेटा मिलन, जिन्हें हम आज के दौर के निर्देशक मिलन लूथरिया के नाम से जानते हैं।