कदम कदम बढाये जा…

क़दम क़दम बढ़ाये जा, खुशी के गीत गाये जा/
ये ज़िंदगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाये जा/

तू शेर-ए-हिन्द आगे बढ़, मरने से तू कभी न डर/
उड़ा के दुश्मनों का सर, जोश-ए-वतन बढ़ाये जा/

क़दम क़दम बढ़ाये जा, खुशी के गीत गाये जा/
ये ज़िंदगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाये जा/

हिम्मत तेरी बढ़ती रहे, खुदा तेरी सुनता रहे/
जो सामने तेरे खड़े, तू खाक में मिलाये जा/

क़दम क़दम बढ़ाये जा, खुशी के गीत गाये जा/
ये ज़िंदगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाये जा/

चलो दिल्ली पुकार के, ग़म-ए-निशाँ संभाल के/
लाल क़िले पे गाड़ के, लहराये जा लहराये जा/

क़दम क़दम बढ़ाये जा, खुशी के गीत गाये जा/
ये ज़िंदगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाये जा/

रचनाकार- राम सिंह ठाकुर