प्रधानमंत्री मोदी ने आज सिविल सेवा दिवस के मौके पर अधिकारियों को सम्मानित कर संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सिविल सेवा के अधिकारियों को बदलते समय के साथ अपनी कार्यशैली में भी बदलाव करना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि समय में बदलाव के साथ सरकार को नियामक की बजाय एक समर्थ व्‍यवस्‍था बनना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि  पिछले डेढ-दो दशकों में जिस तरीके से बदलाव आया है उससे हालात बदले हैं और गुणवत्‍ता परक परिवर्तन की दिशा में प्रतियोगिता की अहम भूमिका बनी है। श्री मोदी ने कहा कि काम बढ़ने के साथ ही गुणवत्‍ता भी बढ़ना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों तक  फायदे पहुंचाने के लिए ई-गवर्नेस, एम-गवर्नेंस और सोशल मीडिया अच्‍छे साधन साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों की शुरूआत राजनीतिक नेतृत्‍व से होती है, लेकिन इसे लागू करने में अधिकारियों की भूमिका है और जन-भागीदारी से इसमें बदलाव आता है। उन्‍होंने कहा कि भारत को इस समय पूरी दुनिया में आशा की किरण के रूप में देखा जा रहा है और इसके लोकतांत्रिक मूल्‍यों की विश्‍वभर में प्रशंसा हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सिविल सेवा दिवस के मौके पर उत्‍कृष्‍ट सेवा प्रदान करने वाले सिविल सेवा के अधिकारियों को सम्‍मानित किया। ये पुरस्‍कार जिला, केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों में काम कर रहे सिविल सेवा के अधिकारियों को सरकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्‍वयन और नवाचार के लिए दिये जा रहे हैं।