हिन्‍दू विवाह कानून के तहत तलाक मंजूर करने से पहले समझौते के उद्देश्‍य से दी जाने वाली 6 छह महीने की अवधि हटाई जा सकती है:  उच्‍चतम न्‍यायालय

 

उच्‍चतम न्‍यायालय ने कहा है कि हिन्‍दू विवाह कानून के तहत तलाक मंजूर करने से पहले समझौते के उद्देश्‍य से दी जाने वाली कम से कम छह महीने की अवधि हटाई जा सकती है, यदि दंपत्ति के साथ रहने की कोई आशा न बची हो। 1955 का हिन्‍दू विवाह कानून आपसी सहमति से तलाक की स्थिति में समझौते के हर संभव प्रयास के लिए छह महीने की अवधि देता है।

उच्चतम न्‍यायालय ने कहा कि इस अवधि का उद्देश्य जल्दबाजी में लिए गए किसी निर्णय से बचना था। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई के दौरान अदालतें वीडियो कान्फ्रेंसिंग का उपयोग कर सकती हैं।