भारत-जमैका के रिश्ते एक नए दौर में

आलेख: विनीत वही, पत्रकार

कैरेबियन सागर में स्थित जमैका की विदेश और विदेश व्यापार मंत्री सुश्री कामिना जॉनसन स्मिथ की यात्रा से दोनों देशों के पारस्परिक संबंधों के आगे बढ़ने की संभावना है। इससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में और तेज़ी लाने में भी मदद मिलेगी। जमैका के किसी विदेश मंत्री की यह पहली भारत यात्रा थी। यह यात्रा संयोग से ऐसे समय में हुई जब नई दिल्ली और किंग्स्टन के बीच 5 वें विदेश कार्यालय परामर्श का आयोजन नई दिल्ली में हो रहा था। भारत के जमैका के साथ निकट संबंध हैं। इसका पता इस बात से भी चलता है कि विदेश राज्य मंत्री, जनरल वी के सिंह, पिछले दो वर्षों में दो बार किंग्स्टन का दौरा कर चुके हैं।

सुश्री स्मिथ ने विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पारस्परिक हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य और स्वास्थ्य पर्यटन, क्षमता निर्माण, कृषि, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निकट सहयोग के बारे में ध्यान केंद्रित किया। जमैका की मंत्री ने उनके देश को भारत द्वारा 1 लाख 50 हज़ार अमरीकी डॉलर की मूल्य की दवाओं के दान के लिए और हाल ही में तूफान प्रभावित देशों के लिए 2 लाख अमेरिकी डॉलर की भारतीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।

जमैका की मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा के अलावा पर्यटन राज्य मंत्री श्री के जे अल्फांस के साथ भी बातचीत की और पर्यटन तथा स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के साथ भी उनकी बातचीत हुई। उन्होंने मुंबई में अग्रणी भारतीय आईटी कंपनियों और व्यापार समुदाय से भी मुलाकात की।

जमैका के छोटी अर्थव्यवस्था और भारत से दूरी के चलते भारत और जमैका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और वाणिज्यिक सहभागिता में अभी दूरी है। हालांकि, इस कैरेबियाई देश के साथ व्यापार बढ़ाने की प्राथमिकता है। वर्ष 2001 में जल पंपों के आयात के लिए भारत ने 75 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य की ऋण सहायता दी थी। इसके अलावा भारत ने 2009 में जमैका में आईसीटी क्षमता विकास परियोजना के तहत एक आईटी केंद्र स्थापित किया था। मानवीय सहायता के रूप में भारत सरकार ने 2004 में जमैका में आए तूफान इवान पीड़ितों की मदद के लिए दवाइयों और अन्य चिकित्सा मदद के रूप में 2 लाख अमरीकी डॉलर की सहायता की आपूर्ति की थी। बीच सबीना पार्क में फ़्लड लाइट लगाने के लिए मार्च 2014 में भारत सरकार और जमैका सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसकी स्थापना के लिए 21 लाख अमरीकी डॉलर लागत आई थी।

दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016-17 में जमैका को भारत का निर्यात 43.44 मिलियन अमेरिकी डॉलर था जबकि भारत ने जमैका से 1.17 मिलियन अमेरिकी डॉलर आयात किया। कुल व्यापार 44.61 मिलियन अमरीकी डॉलर का था।

चालू वर्ष में अप्रैल-जून के बीच जमैका से भारत का निर्यात 11.27 मिलियन अमरीकी डॉलर का था जबकि निर्यात 2.92 मिलियन अमरीकी डॉलर का था। कुल व्यापार 14.19 मिलियन अमरीकी डॉलर था।

जमैका भारत से मुख्य रूप से फार्मास्युटिकल उत्पाद, मोटर पार्ट्स, खनिज ईंधन, खनिज तेल, वस्त्र, कपास, औद्योगिक मशीनरी के अलावा प्लास्टिक उत्पादों, कीमती और अर्ध कीमती पत्थरों, कृत्रिम गहनों, पेय पदार्थों, जैव रसायन, स्टील स्क्रैप का आयात करता है।

भारत के कैरीबियाई देशों के साथ सदियों से मधुर संबंध रहे हैं। जमैका, त्रिनिदाद और टोबैगो, गुयाना, सूरीनाम सहित अन्य कैरिबियाई देशों में भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है। इसी वजह से इन देशों के साथ भारत का जुड़ाव लंबे समय से है। क्रिकेट के लिए पारस्परिक प्रेम ने भी कैरेबियाई देशों को भारत में लोकप्रिय बनाया है। जमैका में अफ्रीकी, एशियाई और यूरोपीय संस्कृतियों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। जमैका में 70,000 के आसपास भारतीय मूल के लोग हैं जिनके पूर्वज भारत से आए थे। यह जनसंख्या जमैका की कुल आबादी का करीब तीन प्रतिशत है। जमैका में हर साल 10 मई को भारतीय विरासत दिवसके रूप में आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है। जमैका में आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के बाजार के एक बड़े हिस्से पर भारत-जमैकन समुदाय द्वारा ड्यूटी फ्री बिजनेस का एकाधिकार है।