लोफ़र

 

निर्देशक- ए. भीम सिंह

निर्माता-आर.सी. कुमार

कहानी -नबेंदु घोष, जगदीश कंवल

संगीत -लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आनंद बक्षी

कलाकार – धर्मेन्द्र, मुमताज़, रूपेश कुमार, मुकरी, फरयाल, भूषण तिवारी, राज रानी

आलेख, प्रस्तुति सहयोग- प्रीति कमल

फिल्म रिलीज़ – 12 मार्च, 1973

लोफर,  ए.भीम सिंह द्वारा निर्देशित 1973 में बनी हिंदी फिल्म है| फिल्म के मुख्य कलाकार धर्मेन्द्र ,मुमताज़, रूपेश कुमार, मुकरी, फरयाल, भूषण तिवारी, राज रानी  हैं| फिल्म में संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और आनंद बक्षी ने दिया है|

रंजीत (धर्मेन्द्र) अपराधी ‘अंकल’ के लिए बचपन से उसकी आपराधिक गतिविधियों के लिए काम करता है और  एक क्लब ‘प्लेबॉय’ का प्रबंधक है| रंजीत की मुलाकात अंजू ( मुमताज़) से होती है और दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है| फिर अचानक रंजीत को पता चलता है कि अंजू उसका प्यार नहीं बल्कि प्रताप की चाल है । प्रताप उसे अंजू के प्यार में फंसवाकर मरवाना चाहता है| लेकिन अंजू, रंजीत को बचा लेती है और रंजीत अंजू की मदद करता है उसके भाई राकेश (रूपेश कुमार)  को प्रताप की पकड़ से छुड़वाने में| इस दौरान कीमती गहनों का प्रदर्शन होता है और बड़े-बड़े अपराधी उसे चुराने की कोशिश करते हैं यह जानते हुए भी कि 24 घंटे पुलिस का पहरा है| इस चोरी के दौरान रंजीत का बीता हुआ कल और उसकी असली पहचान सबके सामने आ जाती है|

इस साल मुमताज़ की धर्मेन्द्र के साथ एक और फिल्म आई थी झील के उस पार। मुमताज़ जब बी ग्रेड फ़िल्में कर रही थीं तब उनके नायक अक्सर दारा सिंह हुआ करते थे, मगर जैसे ही वे चोटी की हेरोइन बनीं, उनके नायक २-३ फिल्मों बाद बदलते रहे।  इस फ़िल्म के एक गीत की गौर करने लायक बात ये भी है कि धर्मेन्द्र ने जो शर्ट पहन रखी है वो उन्होंने ३-४ फिल्मों में पहनी है। उस समय शायद निर्देशक किफायती हुआ करते थे। ये भी संभव है कि ये शर्ट धर्मेन्द्र कि पसंदीदा रही हो।