गायक सुरेश वाडकर

7 अगस्त 1954 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जन्में सुरेश ईश्वर वाडकर बचपन से ही संगीत की ओर समर्पित थे। 8 साल की उम्र में आपने पंडित जयलाल वसंत से संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दिया था। 20 साल की उम्र में आपने एक संगीत प्रतियोगिता सुर श्रृंगार में भाग लिया जहाँ बतौर निर्णायक संगीतकार जयदेव और रवीन्द्र जैन साहब मौजूद थे । उनकी आवाज़ से वो इतने प्रभावित हुए कि उन्हें उसी वक़्त फिल्मों में प्ले बैक का आश्वासन दिया दोनों ही महान संगीतकारों ने अपना वादा पूरा भी किया और यही से शुरुआत हुई सुरेश जी के फ़िल्मी सफ़र की। सुरेश जी ने हिंदी और मराठी गीत के अलावा कुछ गीत भोजपुरी और कोंकणी भाषा में भी गाये  उन्होंने अलग अलग भाषाओं में कई भक्ति गीत गाए हैं। 2007 में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र प्राइड अवार्ड से सम्मानित किया। साल 2011 में सुरेश जी को मराठी फिल्म मी सिंधुताई सपकालष् के लिए सर्वश्रेष्ठ गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। मध्य प्रदेश में उन्हें प्रतिष्ठित लता मंगेशकर अवार्ड से सम्मानित किया गया। मुंबई और न्यू यॉर्क में सुरेश जी का अपना  संगीत स्कूल है जहाँ आप संगीत के विद्यार्थियों को विधिवत शिक्षा देते है। उन्होंने संगीत की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ा और जो है सुरेश वाडकर आजिवसन म्यूजिक अकादमी (Suresh Wadkar Ajivasan Music Academy) जो कि पहला ऑनलाइन संगीत स्कूल है जिसके माध्यम से आप अपना संगीत ज्ञान और अनुभव नए नए संगीत छात्रों को देते है।