एनआईए की विशेष अदालत ने हैदराबाद मक्का मस्जिद विस्फोट मामले के सभी पांच आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी किया

हैदराबाद मक्का मस्जिद विस्फोट मामले के सभी पांच आरोपी बरी कर दिए गए हैं। हैदराबाद की विशेष एनआईए अदालत ने आज यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष स्वामी असीमानंद और अन्य आरोपियों पर कोई आरोप साबित नहीं कर पाया।

अदालत ने मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह पूरी कर ली थी और आज फैसला सुनाने की व्यवस्था दी थी।18 मई, 2007 को हैदराबाद की मक्का मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे और 58 घायल हो गए थे। इस बीच, एन आई ए के प्रवक्‍ता ने कहा है कि हैदराबाद मक्‍का मस्‍जिद विस्‍फोट मामले में न्‍यायालय के फैसले का अध्‍ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जायेगी।

भाजपा ने कहा है कि फैसले से कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति और एक धर्म विशेष को बदनाम करने की कोशिश का पर्दाफाश हो गया है। नई दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने धर्म को बदनाम करने के लिए हिन्दू आतंकवाद जैसी टिप्पणी का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने कहा है कि इस फैसले के बाद लोगों का सरकारी एजेंसियों पर से भरोसा उठ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि ये एजेंसियां सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं।