कर्नाटक में किसी भी दल को बहुमत नहीं, राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ीं

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव परिणामों में खंडित जनादेश के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर ने बेंगुलूरू में विधायक दल के नए नेता के चुनाव के लिए बैठक बुलाई है। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे। कांग्रेस नेता भी गठबंधन सरकार की रूपरेखा तय करने के लिए जनता दल सेक्युलर प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा से मिलेंगे। कांग्रेस और जेडीएस नेताओं के बीच देर रात बेंगलुरू में बैठक हुई। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। श्री बी.एस. येडियुरप्पा और वरिष्ठ पार्टी नेता अनन्त कुमार के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने सदन में बहुमत सिद्ध करने का दावा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक चुनाव में भाजपा की विजय को अभूतपूर्व बताया है। नई दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारत और इसकी गौरवशाली विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चुनाव में पार्टी को वोट देने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया है। एक ट्वीट में श्री गांधी ने कहा कि कांग्रेस लोगों से मिले समर्थन की सराहना करती है और वह उनके लिए संघर्ष जारी रखेगी।