भारत ने ओपेक देशों को दी कच्चे तेल की कीमतें कम करने की हिदायत

 

कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर भारत ने तेल उत्पादक देशों को कहा है कि या तो उन्हें दाम घटाने होंगे या फिर डिमांड में कमी के लिए तैयार रहना होगा। दुनिया में सबसे अधिक क्रूड की मांग वाले देशों में से एक भारत ने ओपेक देशों से कहा है कि उन्हें दाम घटाना शुरू करना होगा या फिर खरीद में कमी के लिए तैयार रहना होगा। भारत की ओर से इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि जिस तरह से बीते दो से ढाई महीनों में तेल के दाम बढ़े हैं, यदि ऐसा ही रहा तो भारतीय उपभोक्ता विकल्पों की तलाश करेंगे। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की महंगाई के चलते भारतीय उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वीकल्स और गैस जैसे विकल्पों की ओर देखेंगे क्योंकि ये कम महंगे साबित होंगे। ऐसे में 2025 तक भारत की प्रतिदिन 10 लाख बैरल तेल की खपत रिप्लेस हो जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि डिमांड को कीमतों से अलग करके नहीं देखा जा सकता। खासतौर पर भारत जैसे देश में जहां कीमतों को लेकर खासा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने कहा कि कीमतों में इजाफे से शॉर्ट टर्म में मांग में कमी नहीं दिखेगी, लेकिन ऐसा ही रहा तो लॉन्ग टर्म में जरूर इसका असर दिखाई देगा। दरअसल लीबिया, वेनेजुएला और कनाडा की ओर से उत्पादन में कमी के चलते बीते कुछ दिनों में क्रूड की कीमतों में 5 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है।