ओडीसा में विश्‍व प्रसिद्ध रथयात्रा आज से शुरू। नौ दिन के इस समारोह में लगभग दस लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की आशा

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आज से शुरू रही है। पुरी में मंदिर के सेवक रथ यात्रा की तैयारियों में व्यस्त हैं ताकि  भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा समय पर  की जा सके। भगवान सुदर्शन के साथ देवताओं को रथ में बिठाने की धार्मिक रस्म पहांडी सवेरे ही शुरू हुई। देवताओं के विग्रह पारम्परिक शोभा यात्रा के रूप में मंदिर से बाहर लाये गये और उन्हें रथ में बिठाया गया। परंपराओं के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे श्रद्धालु रथ को खींचना शुरू करेंगे। पुरी के मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा श्री गुंडीचा मंदिर पर सम्‍पन्‍न होगी, जो मुख्‍य मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर है। सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ चलेगा और उनके पीछे देवी शुभद्रा का रथ होगा। इन दोनों के पीछे सबसे बड़ा रथ होगा जो भगवान जगन्‍नाथ का होगा। ऐसी आशा है कि यह तीनों रथ सूर्यास्‍त से पहले गुंडीचा मंदिर पहुंच जाएंगे। गुंडीचा मंदिर में इन तीनों देवी-देवताओं की नौ दिन तक पूजा-अर्चना की जाएगी और इस महीने की 23 तारीख को यात्रा के समापन पर श्रीमंदिर वापसी करेंगे।

विश्वभरसे दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की आशा है। पूर्वी तटीय रेलवे ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 120 से अधिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई हैं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने रथयात्रा के अवसर पर लोगों को बधाई दी है। श्री रामनाथ कोविंद ने आशा व्यक्त की कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शांति, प्रसन्नता और समृद्धि आयेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से भारत विकास की नई बुलंदियों तक पहुंचेगा और प्रत्येक भारतीय को सुख और समृद्धि मिलेगी।