उच्‍चतम न्‍यायालय ने 1994 जासूसी मामले में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नांबि नारायणन को 50 लाख रूपये का मुआवजा दिये जाने का निर्देश दिया।

उच्‍चतम न्‍यायालय ने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नांबि नारायणन को 1994 के जासूसी मामले में अनावश्‍यक रूप से गिरफ्तार और प्रताड़ित किया गया तथा उन्‍हें मानसिक यातना झेलनी पड़ी। न्‍यायालय ने इस मामले में केरल पुलिस की भूमिका की जांच के आदेश दिये हैं।
प्रधान न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता में तीन न्‍यायधीशों की खंडपीठ ने 76 वर्षीय श्री नारायणन को 50 लाख रूपये का मुआवजा देने का निर्देश भी दिया। श्री नारायणन को 1994 में जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 1998 में सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने उन्‍हें और अन्‍य को बरी कर दिया था।