वित्त मंत्री ने कहा- अगले दशक में सात-आठ फीसदी रहेगी भारत की विकास दर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि विश्व की सबसे तेज अर्थव्यवस्था में शुमार भारत की आर्थिक विकास दर अगले दशक के दौरान काफी तेज रह सकती है। विकास दर सात-आठ फीसद के आसपास बनी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिवालिया कानून यानी इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) जैसे महत्वपूर्ण सुधारों के चलते भारत में विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक और अनुकूल माहौल बनेगा। यहां भारतीय महावाणिज्य दूतावास में इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड- ए न्यू पैराडिग्म फॉर स्ट्रेस्ड असेट्स पर एक कान्फ्रेंस का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन करते हुए श्री जेटली ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में स्थापित हो चुका है कि भारत तेजी के विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है। उभरती और समान अर्थव्यवस्थाओं में उसकी रफ्तार सबसे तेज है। हमारा मानना है कि अगले एक दशक के दौरान सात-आठ फीसद की उच्च विकास दर बनी रहेगी। इस कान्फ्रेंस में वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सन्याल और इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आइबीबीआइ) के चेयरमैन एमएस साहू और महावाणिज्य दूतावास संदीप चक्रवर्ती के अलावा उद्योग विश्लेषकों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इसका आयोजन फिक्की ने आइबीबीआइ और न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सहयोग से किया था। श्री जेटली ने कहा कि भारत के मामले में सात फीसद की विकास दर साधारण और निचले स्तर की होती है। हमारी अपेक्षा इस रफ्तार को सात फीसद से ऊपर ले जाने की है।