भारत और पाकिस्तान करेंगे करतारपुर गलियारे की रूपरेखा पर विचार-विमर्श

भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर गलियारे की रूपरेखा तय करने के लिए अटारी वाघा सीमा पर आज पहली बैठक होगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेने के लिए अमृतसर पहुंच गए हैं। दरअसल गुरू नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर करतारपुर गलियारे को शुरू करने के केन्द्र सरकार के फैसले के मद्देनजर यह बैठक की जा रही है। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरूद्वारा करतारपुर साहिब में आसानी से आने जाने के लिए लम्बे समय से की जा रही श्रद्धालुओं की मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत ने करतारपुर साहिब गलियारे के लिए 50 एकड़ भूमि की पहचान की है। इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें यात्री विश्राम भवन, समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित एक पर्यावरण अनुकूल इमारत होगी। इस परिसर में लगभग पांच हजार यात्रियों को आने जाने की सुविधा होगी। माना जा रहा है कि गुरू नानक देव की 550वीं जयंती समारोह शुरू होने से पहले यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा।