24.02.2018

पीएनबी घोटाले पर प्रधानमंत्री के चुप्पी तोड़ने को भी समाचार पत्रों ने सुर्खी बनाया है। जनता के पैसों की लूट बर्दाश्त नहीं शीर्षक से दैनिक जागरण के शब्द है, प्रधानमंत्री बोले घोटालेबाजों पर सरकार कर र...

23.02.2018

आज समाचार पत्रों ने अलग-अलग खबर को अपनी सुर्खी बनाया है। बैंक से धोखाधड़ी में पेन किंग विक्रम कोठारी और उसके बेटे की गिरफ्तारी की खबरें लगभग सभी अखबारों में प्रमुखता से है। हिन्दुस्‍तान ने लिखा है- स...

22.02.2018

आज के हिंदी समाचार पत्रों ने विविध विषयों पर सम्पादकीय लेख लिखे हैं। इसके अतिरिक्त अन्य समाचारों ने भी प्रमुख पृष्ठ पर स्थान पाया है। उत्‍तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की प्रधानमंत्री की घोषणा ह...

21-02-2018

देश के विभिन्न समाचार पत्रों ने विविध विषयों पर संपादकीय लिखे हैं और साथ ही कुछ सुर्खियां भी ध्यान आकर्षित करती हैं। आज समाचार पत्रों ने अलग-अलग खबर को अपनी सुर्खी बनाया है। अधिकांश अखबारों ने दिल्‍ल...

20-02-2018

देश के विभिन्न समाचार पत्रों ने विविध विषयों पर संपादकीय लिखे हैं और साथ ही कुछ सुर्खियां भी ध्यान आकर्षित करती हैं। आज समाचार पत्रों ने अलग-अलग खबर को अपनी सुर्खी बनाया है। बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी खब...

19.02.2018

बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी खबरों को अखबारों ने अहमियत दी है। बैंक घोटालों पर नवभारत टाइम्‍स का विश्‍लेषण है- रुपए और रूप के जाल में फंसाकर की गड़बड़ी। पीएनबी घोटाले के बाद हरकत में आई सरकारी एजेंसियों पर...

18.02.2018

अखबारों ने भारत -ईरान प्रत्यर्पण संधि सहित अहम समझौते होने को प्रमुखता दी है। देशबंधु की पहली सुर्ख़ी है- भारत 18 महीने तक चाबहार का संचालन करेगा। हिन्दुस्तान ने तोहफा शीर्षक से लिखा है- चाबहार भारत ...

17.02.2018

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की कल देश के विद्यार्थियों से परीक्षा पर चर्चा को आज सभी अखबारों ने प्रमुखता से दिया है। हिन्‍दुस्‍तान ने उनके इस बयान को दिया है कि अंक और परीक्षा जीवन का आधार नहीं है। द...

16.02.2018

देश के विभिन्न समाचार पत्रों ने विविध विषयों पर संपादकीय प्रकाशित किए हैं और साथ ही कुछ सुर्खियां भी ध्यान आकर्षित करती हैं। ग्‍यारह हजार करोड़ रुपए से अधिक के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले पर राजनीतिक संग...

15.02.2018

आज प्रकाशित अधिकांश अखबारों में पंजाब नेशनल बैंक में अरबों का घोटाला सुर्खियां बना है। इसके अतिरिक्त समाचार पत्रों ने दूसरे विषयों पर सम्पादकीय भी लिखे हैं। राष्‍ट्रीय सहारा ने खबर के साथ लिखा है- बै...