‘‘विश्व मानव को प्रणाम ’’

प्रसारण तिथि: 04.04.2016 यह रूपक डा0 भीमराव अम्बेडकर के जीवन, शिक्षा और कार्यो पर केन्द्रित है । इसमेें जाने-माने शिक्षाविद् और बुद्धिजीवियों के साक्षात्कार शामिल किए गये है । शोध एवं आलेख – श्...

परचम बनते आँचल

एक दिन महिलाओं के नाम। स्त्री शक्ति को सलाम करने के नाम। औरतों के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों, चुनौतियों और लगातार आगे बढ़ने के हौंसले के नाम। यह दिन है आठ मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस। पूरी दुनिया म...

गणतंत्र दिवस

संविधान के रचयिता और उसको मूर्त रूप देने वाले बाबा साहिब डा0 भीमराव अम्बेडकर ने एक बार अपने सम्बोधन में कहा था कि 26 जनवरी 1950 को देश सही अर्थो में आज़ाद हो जायेगा । भारत एक लोकतांत्रिक देश घोषित किय...

शून्य से शिखर तक

जाति व्यवस्था में बटे हुए भारतीय समाज में दलित वर्ग को आशा की किरण दिखाने वाले युवा वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष और आधिक संघर्ष, त्याग और अधिक त्याग का संदेश देने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन...

आॅंचल

भारतीय संस्कृति में पाॅंच तत्वो की व्याख्या की गई है । यही तत्व जीवन का आधार है । भूमि, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन तत्वों में आते है । स्वस्थ, सुन्दकर और दीर्घायु जीवन के लिए सभी तत्वों की हमारे शरीर...

आज़ादी के तराने

षोध आलेख एवं प्रस्तुति – डा0 आर.एस. यादव भारतीय संस्कृति और सभ्यता में जननी और जन्मभूमि को स्वर्ग से बढ़कर स्थान दिया गया है । इस देष में जन्मभूमि की वन्दना माॅं के समान करने की प्रथा रही है । व...