भारतीय जन मानस में श्री कृष्ण...

यदा यदाहि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारतः । अभ्युत्थानम तदात्मानं सृजाम्यहम ।। जब जब धरा धाम पर धर्म यानी अच्छे कार्यो की हानि होने लगती है और संसार में अधर्म यानि बुरे कर्म बढ़ने लगते है तब तब मैं सृजन के...

जन्माष्टमी और गीता का निष्काम योग...

जाने माने वक्ता और विद्धान श्री देवराज वत्स ने श्रीमद भागवत गीता की व्याख्या बड़े ही सुन्दर ढ़ंग से की है । वे इसके प्रचार प्रसार में पिछले 50 वर्षो से लगे हुए है और गीता में दिए गये उपदेश – निष्...

श्री जगन्नाथ जी और नवकलेवर पर्व...

भारत के तीर्थ स्थलों में जगन्नाथ – धाम पुरी का स्थान अद्वितीय है । कारण है इसकी धार्मिक सुचिता, इसका सांस्कृतिक वैभव और इसकी परम्पराओं की निरन्तरता । प्राचीन काल से अनेक सांस्कृतिक और दार्षनिक ...