‘साहित्य स्रष्टा कृष्णा सोबती र हिन्दी साहित्यमा उनको योगदान’ 

आलेखः डक्टर प्रविन कुमार अन्शुमन

अनुवादक एवम् वाचकः श्री विष्णुबहादुर गुरुङ्ग